Deuda geet uttam chand

उहि लेखका भैसा हेर्नु उहि औलका होरि,!!!
मौरि जति घुमे पन फुल्दै रहेई तोरि!!!!!
डाको लाया सुन्नि छैके काँछै रानि चडा,!!!
जौ गहु को हाल चाल केछ तोरि फुल्ले गडा !!!!!
छोरि माग्नु कुल हेरेर पानि खानु मुल,!!!
न ओईलाएई फुल्दै रहेई कठै तोरि फुल !!!!!
पियाला तोरिका फुल कौलि कोदे नल,!!!
फुल्दै रहेई तोरि फुल जन लागौ फल